महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना की जाती है और शिव जी का अभिषेक किया जाता है। पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि पर शश योग बन रहा है। क्योंकि इस बार शनि व चंद्र मकर राशि में रहेंगे, वहीं गुरु धनु राशि में, बुध कुंभ राशि में और शुक्र मीन राशि में रहेंगे। इससे पहले यह योग 59 साल पहले साल 1961 में बना था। ज्योतिष के अनुसार इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है, इस योग में साधना-सिद्धि के लिये अपना खास महत्व है।
महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त
21 फरवरी (शुक्रवार) को शाम 5 बजकर 22 मिनट से 22 फरवरी (शनिवार) की शाम 7 बजकर 02 मिनट से।
ऐसे करें भगवान शिव का पूजन
एक मिट्टी के लोटे में पानी या दूध भरकर, ऊपर से बेलपत्र, आक व धतूरे के फूल, चावल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। अगर घर में शिव पूजा करना चाहते हैं तो घर में मिट्टी के शिवलिंग बनायें और उनका पूजन करें।
भगवान शिव का पूजन महाशिवरात्रि के दिन निशीथकाल में करना श्रेष्ठ माना जाता है। हालांकि शिव भक्त चारों पहरों में कभी भी कर सकते हैं, इस दिन शिव पुराण का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र या ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिये।
शिव अभिषेक के लिये जरुरी है ये चीजें
जल- जल से शिवाभिषेक करने से शांति मिलती है।
दही- दही के अभिषेक से आज्ञाकारी संतान की प्राप्ति होती है।
दूध- जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
शहद- शिव को अतिप्रिय, वाणी दोष दूर होता है।
घी- मोक्ष की प्राप्ति होती है।
पंचामृत- धन व संपत्ति मिलती है।
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