इस साल अक्टूबर महीना हिंदी पंचांग के अनुसार बहुत खास रहेगा। दरअसल इस बार इस महीने में नवरात्रि पर्व, दशहरा और शरद पूर्णिमा जैसे पर्व मनाए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर अधिक मास तीन साल में एक बार आता है, जो इस साल आया है। इस वजह से इस बार पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन दान पुण्य और विशेष पूजन करने की परंपरा है।
कोरोना महामारी में पिछले करीब 8 महीने से धार्मिक कार्यक्रमों पर असर पड़ा है। इसमें चैत्र नवरात्र, गणेश उत्सव, जन्माष्टमी सहित कई पर्व मंदिरों की बजाय घरों में ही मनाए गए। वहीं अब 17 तारीख को आश्विन मास के शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस दिन जहां घट स्थापना होगी, वहीं इसी दिन यानि शनिवार को ही तुला संक्रांति भी है। यानि सूर्य कन्या से तुला राशि में प्रवेश करेगा। ऐसे में इस दिन देवी दुर्गा के साथ ही सूर्य के लिए भी विशेष पूजन करें।
इसके अलावा अंगारक विनायकी चतुर्थी 20 अक्टूबर को है। इस दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए व्रत करें और भगवान को मोदक का भोग लगाएं। वहीं दुर्गा अष्टमी 24 तारीख को है। इसे महाष्टमी भी कहते हैं।
इस दिन देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा करें व व्रत रखें। 25 अक्टूबर को दुर्गा नवमी है, साथ ीि इसी दिन दशमी भी लग जाएगी। इस दिन छोटी कन्याओं को भोजन कराने की परंपरा है। 27 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी है। यह व्रत सभी पापों का प्रभाव खत्म करने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत करें।
इसके साथ ही 30 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है। मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ रास रचाया था। यह श्री कृष्ण की भक्ति का दिन है। इस दिन महालक्ष्मी का पूजन भी करें। 31 अक्टूबर से कार्तिक मास शुरू हो जाएगा। पंचांग भेद से इस दिन पूर्णिमा है।
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