बुधवार का दिन गणेश को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन माना जाता है। अगर आप भी विघ्नहर्ता गणेश जी की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो बुधवार के दिन गाय के गोबर या आटे में हल्दी मिलाकर से छोटे से गणेशजी का निर्माण करें। अब पीले वस्त्र पर स्थापना करके विधिवत पूजन करने के बाद 108 नग सफेद दुर्वा इच्छित कामना पूर्ति की प्रार्थना करते हुए गणेश जी को अर्पित करें। ऐसा करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होने लगती है।
उपरोक्त विधि से पूजन के बाद इन मंत्रों का जप करने से भगवान गणेश जी सभी विघ्नों का नाश कर देते हैं।
1- मुकदमे में सफलता प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का जप 108 बार करें।
।। ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः ।।
।। ॐ वर वरदाय विजय गणपतये नमः ।।
2- इस गणेश मंत्र का जप करने से वाद-विवाद, कोर्ट कचहरी में विजय प्राप्त होती है।
।। ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः ।।
।। ॐ गं गणपतये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वगुरवे लम्बोदराय ह्रीं गं नमः ।।
3- इस मंत्र के जप से यात्रा में सफलता मिलती है।
।। ॐ नमः सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय सर्व राज्य वश्य कारनाय सर्वजन सर्व स्त्री पुरुषाकर्षणाय श्री ॐ स्वाहा।।
।। ॐ नमः सिद्धिविनायकाय सर्वकार्यकर्त्रे सर्वविघ्न प्रशमनाय सर्व राज्य वश्य कारनाय सर्वजन सर्व स्त्री पुरुषाकर्षणाय श्री ॐ स्वाहा।।
4- इस हरिद्रा गणेश चमत्कारी मंत्र का 108 बार जप करने से हर कार्य में सफलता मिलती है।
।। ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा।।
।। ॐ हुं गं ग्लौं हरिद्रा गणपत्ये वरद वरद सर्वजन हृदये स्तम्भय स्वाहा।।
5- श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का एक हजार बार करमाला से जप करने पर सभी तरह के गृह कलेश दूर होने के साथ घर में धन आवक में वृद्धि होने लगती है।
।। ॐ ग्लौं गं गणपतये नमः।।
।। ॐ ग्लौं गं गणपतये नमः।।
6- इस गणेश मंत्र के जप से दरिद्रता का नाश होता है।
।। ॐ गं लक्ष्म्यौ आगच्छ आगच्छ फट्।।
।। ॐ गं लक्ष्म्यौ आगच्छ आगच्छ फट्।।
7- व्यापार से सम्बन्धित बाधाएं एवं परेशानियां निवारण एवं व्यापर में निरंतर उन्नति हेतु ।
।। ॐ गणेश महालक्ष्म्यै नमः ।।
।। ॐ गणेश महालक्ष्म्यै नमः ।।
8- इस तांत्रिक गणेश मंत्र का जप करने से असाध्य रोग भी ठीक होने लगते हैं।
।। ॐ गं रोग मुक्तये फट् ।।
।। ॐ गं रोग मुक्तये फट् ।।
9- इस गणेशमंत्र के जप से कई भौतिक व आध्यात्मिक मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।
।। ॐ अन्तरिक्षाय स्वाहा ।।
।। ॐ अन्तरिक्षाय स्वाहा ।।
10- इस मंत्र का जप करने से योग्य संस्कारी संतान की प्राप्ति होती है।
।। गं गणपत्ये पुत्र वरदाय नमः।।
।। गं गणपत्ये पुत्र वरदाय नमः।।
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