सालभर की एकादशियों में माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को भाग्य का साथ मिलता है। शास्त्रों के अनुसार हर एकादशी व्रत का महत्व बहुत अधिक है और इस व्रत को करने से एक उद्देश्य की पूर्ति की जाती है। इस बार माघ माह की एकादशी 5 फरवरी 2020, बुधवार के दिन की पड़ रही है। जया एकादशी व्रत में गन्ने के सर का फलाहार किया जाता है। आइए जानते है व्रत विधि व मुहूर्त
जया एकादशी व्रत एकादशी कब से तक
एकादशी तिथि प्रारंभ 4 फरवरी को रात्रि 9.48 बजे से
एकादशी तिथि पूर्ण 5 फरवरी को रात्रि 9.30 बजे तक
एकादशी का पारण 6 फरवरी को प्रातः 6.38 से 8.40 तक
ऐसे करें जया एकादशी के दिन पूजा
इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत किया जाता है। भगवान विष्णु के साथ लक्ष्मी का पूजन करें और गोमती चक्र और पीली कौड़ी भी पूजा में रखें। भगवान विष्ण़ु को पीले फूल अर्पित करें और घी में हल्दी मिलाकर विष्ण़ु जी को दीपक लगायें। दीपक लगाने के बाद भगवान विष्णु को केले या फिर केसर से बनी मिठाई रखकर भगवान को चढ़ायें। पूजा समाप्त होने के बाद भगवान का प्रसाद सभी में बांटकर खुद भी खायें।
जया एकादशी व्रत में करें ये काम
- जया एकादशी व्रत के दिन पवित्र मन से भगवान विष्णु की पूजा करें।
- मन में द्वेष, छल-कपट, काम और वासना की भावना नहीं लानी चाहिए।
- नारायण स्तोत्र एवं विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
- जो लोग इस एकादशी का व्रत रखते हैं उन्हें दशमी तिथि को एक समय आहार करना चाहिए।
- एकादशी के दिन श्री विष्णु का ध्यान करके संकल्प करें और फिर धूप, दीप, चंदन, फल, तिल, एवं पंचामृत से विष्णु की पूजा करें।
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