बसंत पंचमी के दिन इन चीजों से रहें दूर, वरना अधूरी रहेगी पूजा - jeevan-mantra

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Wednesday, January 29, 2020

बसंत पंचमी के दिन इन चीजों से रहें दूर, वरना अधूरी रहेगी पूजा

हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी मनाई जाती है। इस बार बसंत पंचमी 30 जनवरी को मनाई जाएगी। मुख्य रुप से इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है और उनके अवतरण दिवस के रुप में बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। मां सरस्वती ज्ञान, वाणी व विद्या की देवी हैं।

 

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इस दिन विधि-विधान से पूजा करने वाले व्यक्ति को मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है और बुद्धि का वरदान भी प्राप्त होता है। लेकिन मां सरस्वती की पूजा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना अतिआवश्यक होता है। कुछ चीजों को करने की मनाही है, तो आइए जानते हैं इस दिन क्या नहीं करना चाहिये...

बसंत पंचमी के दिन इन चीजों से रहें दूर, वरना अधूरी रहेगी पूजा

सरस्वती पूजा के दिन भूलकर भी ना करें ये काम-

- बसंत पंचमी के दिन बिना स्नान किए भोजन नहीं करना चाहिए।
- इस दिन रंग-बिरंगे कपड़े नहीं पहनें , इस दिन पीले रंग के कपड़े ही पहनें।
- बसंत पंचमी के दिन पेड़-पौधे नहीं काटने चाहिए।
- बसंत पंचमी के दिन किसी को अपशब्द बोलने से बचें।
- इस दिन गाली-गलौज व झगड़े से भी बचना चाहिए।
- बसंत पंचमी के दिन मांस-मदिरा के सेवन से दूर रहें।
- इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना बेहत जरूरी है।

बसंत पंचमी के दिन इन चीजों से रहें दूर, वरना अधूरी रहेगी पूजा

मां सरस्वती पूजन की सामग्रियां

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने के लिये अधिकांश पूजा सामग्रियां सफेद वर्ण की होती हैं। इसलिये सरस्वती पूजन में सफेद वस्त्र, सफेद चंदन, दही-मक्खन, सफेद तिल, अक्षत, श्रीफल और तिल के लड्डू का उपयोग करें। मां सरस्वती की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में अज्ञानरुपी अंधकार दूर होता है और ज्ञान का प्रकाश खुलता है।

 

मां सरस्वती की ऐसे करें पूजा

इस दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर व्यक्ति को पीले वस्त्र धारण कर कलश स्थापना करनी चाहिये। इसके बाद मां सरस्वती को सफेद फूल की माला के साथ मां को सिंदूर व अन्य सफेद श्रृंगार की वस्तुएं चढ़ायें। वहीं माता के चरणों में गुलाल अर्पित कर उन्हें मिठाई या खीर का भोग लगायें। इसके बाद अंत में यथाशक्ति ''ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः '' का जाप करें।



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