षटतिला एकादशी 2019: इस दिन व्रत रखने से मिलती है समस्त पापों से मुक्ति, जानें महत्व
माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस दिन व्रत रखने से मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिलती है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इसके साथ ही इस दिन काले तिल का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। वहीं भगवान विष्णु को पंचामृत में तिल मिलाकर स्नान कराया जाता है। षटतिला एकादशी पर तिल से बने व्यंजन खाना चाहिए और ब्राह्मणों को भी खिलाना चाहिए। इस दिन तिल के तेल की मालिश की जाती है और जल में तिल डालकर उससे स्नान भी किया जाता है। विष्णु जी की पूजा के बाद तिल हवन किया जाता है और रात्रि जागरण भी किया जाता है। इस बार षटतिला एकादशी का व्रत 31 जनवरी को रखा जाएगा।
जानें षटतिला एकादशी का महत्व
षटतिला एकादशी का व्रत करने से शारीरिक शुद्धि और आरोग्यता प्राप्त होती है, इस दिन अन्न, तिल आदि का दान करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है साथ ही व्यक्ति इस दिन दान देने के साथ-साथ इस दिन तिल से स्नाना करने से अच्छे फल प्राप्त होते हैं। धार्मिक कार्यों के साथ-साथ इस दिन दान भी देना जरुरी होता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन दान आदि के कोई भी धार्मिक कार्य संपन्नता नहीं माना जाता है और इस दिन तो तिल का दान बताया जाता है। इस दिन तिल का दान अवश्य करना चाहिए इससे दुर्भाग्य, दरिद्रता और भी कई प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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